‘अहंकारविमूढ़ात्मा कर्ताहमिति मन्यते’! चंद्रकांत खैरेंच्या अहंकाराला नम्रतेने उत्तर देणारे भागवत कराड म्हणतात ‘गोपीनाथ मुंडेच स्वप्न- जनतेची सेवा-हेच माझं लक्ष ‘….
तुम चाहे जितना कीचड़ उछालो, मैं कमल की तरह खिलते रहूंगा, आम जनता के आशीर्वाद और खुद की मेहनत से यहां तक पहुंचा हु, मैं […]