कांग्रेस के ‘मुंगेरी लाल’ राहुल गांधी नेता तो नहीं बल्कि मसखरा जरूर बन गए

विशेष संवाददाता

नई दिल्ली: कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी की हालत किसी मसखरे जैसी हो गयी है। राहुल को उनकी पार्टी के कार्यकर्ता और उनके दरबारी अब सिर्फ मनोरंजन का साधन मानते हैं। शायद इसीलिए राहुल गांधी की बेसिर पैर की बातों को सब सुनते हैं, लेकिन गंभीरता से कोई नहीं लेता।

ताजा मामला हरियाणा के कुरुक्षेत्र का है, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर अभद्र टिप्पणी करते हुए राजनीति के स्तर को और नीचे गिरा दिया। राहुल ने पीएम मोदी को कायर कहा और कहा कि उनकी सरकार सत्ता में होती तो वे चीन को 15 मिनट में बाहर फेंक देते। राहुल के ये बयान जितने मनगढ़ंत हैं उतने ही हास्यासपद।

ये एक ऐतिहासिक सच है कि 1962 की जंग के बाद चीन ने लद्दाख का 37,555 स्क्वायर किलो मीटर क्षेत्र पर कब्ज़ा कर लिया जिसे हम अक्साई चिन कहते हैं और 1963 में पाकिस्तान ने गिलगित बाल्टिस्तान का एक हिस्सा चीन को दिया। जिसे हम शक्सगाम वैली के नाम से जानते हैं। खास बात ये है कि इन दोनों ही घटनाओँ के दौरान देश में कांग्रेस की सत्ता थी और राहुल गांधी के परनाना जवाहर लाल नेहरू प्रधानमंत्री थे।

यही नहीं जवाहर लाल नेहरू के बाद इंदिरा गांधी और उनके बाद राजीव गांधी भी देश के प्रधानमंत्री रहे, लेकिन न तो इंदिरा गांधी ने और ना ही राजीव गांधी ने ही अक्साई चिन को वापस लेने और चीन को पीछे धकेलने की कोई कोशिश की है। लिहाजा राहुल गांधी के बयान सिर्फ आधारहीन तो हैं ही साथ ही उनके अपने परिवार पर ही अंगुलियां उठाते हैं।

बीजेपी के आईटी सेल के प्रभारी अमित मालवीय ने भी राहुल के इन बयानों पर कड़ी टिप्पणी की और उन्हें याद दिलाया कि जवाहर लाल नेहरू के कार्यकाल के दौरान ही अक्साई चिन भारत के हाथों से चीन ने छीना गया था। मालवीय ने राहुल गांधी के ही शब्दों में उन्हें जवाब दिया और उन्हें कायर नेहरू का पोता बताया।

वहीं, बीते कई मौक़ों पर बीजेपी ने कांग्रेस पर कब्ज़ा जमाए बैठे गांधी परिवार और उसके चीन की कम्युनिस्ट सरकार के साथ संबंधों को लेकर सवाल उठाए हैं। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने दावा किया था कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी और भारत की कॉन्ग्रेस पार्टी के बीच समझौते हुए हैं, जिसकी जानकारी अब सार्वजनिक की जानी चाहिए। ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने अपनी रिपोर्ट में विशेषज्ञों के हवाले से कहा था कि कॉंग्रेस पार्टी मोदी सरकार के खिलाफ मुखर है।

    Leave Your Comment

    Your email address will not be published.*