कर्नाटक में जिहादी साजिश तेज़, शृंगेरी में शंकराचार्य की मूर्ति को इस्लामी झंडे में लपेटा

विशेष संवाददाता 

नई दिल्ली : कर्नाटक में जिहादी तत्वों की बड़े पैमाने पर हिंसा फैलाने की गहरी साजिश की आशंका और मजबूत हो गयी है। प्रदेश की राजधानी बंगलुरू अभी हिन्दू विरोधी दंगों से सम्भली ही थी कि प्रदेश के चिकमंगलूर जिले के शृंगेरी में एक और घटना ने प्रदेश के माहौल को गरमा दिया है।शृंगेरी स्थित आदि शंकराचार्य की मूर्ति को किसी अज्ञात व्यक्ति ने एक इस्लामिक झंडे से ढँक दिया। माना जा रहा है कि जिहादी तत्वों ने इसे हिन्दू समाज को सन्देश देने के लिए ऐसा किया है।

ख़बरों के मुताबिक़ श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को इस घटना की जानकारी एक दिन बाद हुई। जानकारी मिलने के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई और श्रद्धालुओं ने शारदा पीठ की मूर्ति से इस्लामिक झंडा हटाया और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल लोगों की निशानदेही पर पुलिस ने 2 लोगों पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय विधायक डीएन जीवाराज के मुताबिक यह हरकत इस्लामिक संगठन SDPI के सदस्यों द्वारा की गई है। उनका उद्देश्य ऐसी घटनाओं को अंजाम देकर शहर का माहौल बिगाड़ना है।

पुलिस ने जिन युवकों को पकड़ा है उनके नाम रफ़ीक और साहिल है। बताया जा रहा है कि रफ़ीक नगर पंचायत का सदस्य भी है। ऐसे में इस घटना के बाद प्रदेश में बड़ी हिंसा करने की गहरी साजिश की आशंका बढ़ गयी है। शृंगेरी में स्तिथ शारदा पीठ आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित 4 पीठों में से एक है। इसलिए इस पीठ के साथ साथ शृंगेरी में हिंदुओं में गहरी आस्था है। खुफिया तंत्र से जुड़े सूत्रों को आशंका है कि कुछ इस्लामिक संघठन बीजेपी शाषित राज्यों को निशाना बनाकर दंगे करने की फिराक में हैं। शृंगेरी में हुई ये घटना बंगलुरू में हुए दंगों के ठीक एक दिन बाद हुई है। हैरानी की बात यह है कि बेंगलुरु की घटना में भी भीड़ की अगुवाई SDPI के सदस्यों ने की थी।

SDPI विवादास्पद PFI ( पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) का राजनीतिक संघठन है। इसका मुख्यालय दिल्ली के शाहीनबाग़ में स्तिथ है। शाहीनबाग़ ही वो जगह है जहां से दिल्ली में दंगों को भड़काया गया था। PFI को जानकर प्रतिबंधित संघठन SIMI का ही नया रूप बताते हैं। केरल सरकार ने भी 2012 में अदालत में इसे SIMI का ही नया रूप बताया था। केरल सरकार ने उस वक्त कहा था कि ये संघठन देश विरोधी और आतंकी संघठन है और इसे प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। वहीं झारखंड के साथ साथ उत्तर प्रदेश सरकारें भी PFI को प्रतिबंधित करने की मांग उठा चुके हैं। हालांकि केंद्रीय गृह मंत्रालय को ही इस संगठन पर कोई फैसला लेना है, लेकिन फिलहाल मंत्रालय इस संघठन की गतिविधियों पर नज़र रखे हुए हैं।

    Leave Your Comment

    Your email address will not be published.*