राजस्थान में नाबालिग बहनों से दुष्कर्म पर मुख्यमंत्री गहलोत की “कव्हरअप सफाई”

  • “बालिकाओं ने बयानों में ज्यादती नहीं होने और मर्जी से लड़कों के साथ घूमने जाने की बात कही”
  •  “दुर्भाग्य से राजस्थान के बारां में हुई घटना को हाथरस की घटना से तुलना की जा रही है”

वृत्तसंस्था

जयपूर : राजस्थान के बारां जिले में बुधवार को सामने आए दो नाबालिग बहनों से दुष्कर्म की घटना पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने “कव्हरअप सफाई” दी है. उन्होंने ट्वीट किया कि हाथरस में हुई घटना बेहद निंदनीय है, उसकी जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। लेकिन दुर्भाग्य से राजस्थान के बारां में हुई घटना को हाथरस की घटना से तुलना की जा रही है। जबकि बारां में बालिकाओं ने स्वयं मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए दिए बयानों में अपने साथ ज्यादती नहीं होने एवं मर्जी से लड़कों के साथ घूमने जाने की बात कही.

गहलोत ने लिखा कि बालिकाओं की मेडिकल जँच भी करवाया गयी. जाँच में आमने आया है कि लड़के भी नाबालिग हैं, जाँच आगे भी जारी रहेगी। घटना होना एक बात है और कार्यवाही होना दूसरी। घटना हुई तो कार्यवाही भी तत्काल हुई। इस केस को मीडिया का एक वर्ग और विपक्ष हाथरस जैसी वीभत्स घटना से कंपेयर करके प्रदेश और देश की जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।

क्या है मामला

बारां में पीड़ित लड़कियों के परिजनों का कहना है कि १८ से २१ सितंबर तक युवक दो नाबालिग लड़कियों को कोटा, जयपुर और अजमेर ले गए। जहां दोनों के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया। आरोपियों ने नाबालिग लड़कियों को पुलिस के सामने कुछ बोलने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इस दौरान लड़कों के पकड़े जाने के बावजूद उन्हें छोड़ दिया गया। वहीं, लड़कियों को सखी केंद्र भेजा गया।

पुलिस ने किया आरोपों का खंडन

पुलिस हेडक्वार्टर ने बयान जारी करके बारां में २ नाबालिग बालिकाओं के साथ दुष्कर्म के आरोपों का खंडन किया है। पुलिस का दावा है कि दोनों बालिकाओं ने अपने 164 के बयानों में किया स्पष्ट कि उनके साथ रेप नहीं हुआ. दोनों बालिकाओं की मेडिकल जाँच कराई गई, जिसमें रेप की पुष्टि नहीं हुई है.

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