रिया और उसके नशेड़ी गैंग की जमानत खारिज, हाईकोर्ट में लगाएंगे अर्ज़ी

विशेष संवाददाता

नई दिल्ली : बॉलीवुड स्टार सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या की जांच में ड्रग्स का एंगल आने के बाद गिरफ्तार हुई अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शौविक चक्रवर्ती की जमानत याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी गई है। इससे पहले मुंबई की सत्र न्यायलय ने रिया और अन्य के मामले में गुरुवार को सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा था।

न्यायलय ने रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शौविक चक्रवर्ती के अलावा अब्दुल बासित, ज़ैद विलात्रा, दिपेश सावंत और सैमुअल मिरांडा की जमानत याचिका खारिज की है। खबर है कि अब ये आरोपित सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएँगे। NCB ने इन सबको ड्रग एंगल सामने आने के बाद पर्याप्त सबूतों के आधार पर गिरफ्तार किया था और गुरुवार को इनकी जमानत याचिका का विरोध भी किया था।

एनसीबी ने गुरुवार को जमानत याचिकाओं का कड़ा विरोध करते हुए कहा था कि भले ही इस मामले में जब्त की गई ड्रग्स की मात्रा कम थी, लेकिन यह बेचे जाने के लिए थी, जिसकी कीमत करीब 1 लाख 85 हजार रुपए के आस पास थी। इसके अलावा अपने हलफनामे में उन्होंने लिखा था कि रिया चक्रवर्ती और शौविक चक्रवर्ती सुशांत सिंह राजपूत के लिए मादक पदार्थों की व्यवस्था करते थे और उसके पैसे देते थे। वहीं आरोपित दीपेश सावंत द्वारा दिए गए बयान के अनुसार वह राजपूत और रिया चक्रवर्ती के निर्देश पर मादक पदार्थ खरीदा करता था।

इस याचिका के खारिज होने के बाद बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि उन्हें इस फैसले की उम्मीद थी। क्योंकि पहला तो ड्रग ट्रैफिकिंग बहुत गंभीर अपराध है और दूसरा एनसीबी ने इस मामले में जाँच के समय कोई हड़बड़ी नहीं की। उन्होंने बड़ी तसल्ली से इस मामले की जाँच की है। रिया से सवाल पूछे हैं। इसलिए कोर्ट भी इस बात से सहमत हुआ कि भले ही रिया चक्रवर्ती एक्ट्रेस हैं, अच्छे परिवार से ताल्लुक रखती है, लेकिन उनका अपराध राष्ट्र हित में नहीं है। जिसके कारण कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा। इस हिरासत में उनसे अधिकारी सवाल करेंगे और ऐसे समय में उन्हें जवाब देना ही होगा। हर लोकतांत्रिक देश में यही प्रावधान होते हैं।

सोशल मीडिया में सुशांत की मौत की जांच के लिए अभियान चलाने वाले सुब्रम्णयम स्वामी का कहना है कि अब हम इस मामले से जुड़े हर तार के बारे में जानेंगे क्योंकि रिया उसी चेन का हिस्सा थीं। अब हम जानना चाहते हैं कि इन केसों में पैट्रन (संरक्षक) कौन था? क्योंकि बिना किसी संरक्षक के वो ये सब अकेले नहीं कर सकती थी। उन्होंने रिया के बयान से पलटने वाले मामले पर यह भी कहा कि हर अपराधी ऐसा ही करता है। पहले अपराध स्वीकार करता है फिर बाद में कहता है कि उसने ऐसा नहीं किया।

गौरतलब है कि रिया चक्रवर्ती ने नार्कोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो की पूछतछ में ड्रग लेने और अपने भाई शौविक से ड्रग मँगवाने की बात स्वीकारी थी। मगर, गिरफ्तारी के बाद रिया अपनी जमानत की याचिका में अपने पूर्व के बयानों से पलट गईं और विशेष अदालत में दायर की गई याचिका में कहा कि उसने एनसीबी के दबाव में आकर ड्रग्स रैकेट में शामिल होने की बात स्वीकारी थी।

    Leave Your Comment

    Your email address will not be published.*